samacharvideo: तकनीक कि इस दुनिया में हम खुद तकनीक के साथ इतने आगे बढ़ जाते हैं कि क्या अच्छा है क्या बुरा है उसको बिना सोचे समझे हम सब कुछ ग्रहण कर लेते हैं। जैसा की हर चीज के कुछ फायदे होते तो कुछ नुकसान भी होते वैसे ही तकनीक के भी अनेक फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी है।

हम बात कर रहे हैं android फोन की जो कि आज लगभग हर दूसरे व्यक्ति के पास उपलब्ध होता है। जिसके पास एंड्राइड होता है वह अक्सर सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग करता ही है । खासकर युवा वर्ग। दिन का अधिकतर समय युवा यहीं पर गुजारता है इसके साथ-साथ अपनी संवेदनशील जानकारी भी दोस्तों और अनजान लोगों से साझा करता है।
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यदि सोशल मीडिया या इंटरनेट का उपयोग नहीं भी करता है फिर भी वह पूरी तरह सुरक्षित नहीं है कि हम आपको बताते हैं कि किस तरह से आपके ऊपर खतरा मंडरा रहा है। आपकी प्राइवेसी और आपकी हर संवेदनशील जानकारी किस तरह सार्वजनिक हो रही है…
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  •  सबसे पहले हम आपको बता दें कि आप जैसे ही अपना android ऑन करते हैं तो उसमें एक gmail अकाउंट एड करने का ऑप्शन होता है इस gmail अकाउंट को ऐड करते ही गूगल आपकी सारी कॉल डिटेल मैसेजिंग कांटेक्ट फोटो वीडियो जैसी समस्त जानकारी को एक्सेस करने की परमिशन ले लेता है।
  • आपके पास +91 के अलावा यदि किसी और कंट्री कोड से फोन आता है तो उसे रिसीव करने पर आपके मोबाइल की समस्त जानकारी चुराई जा सकती है। इससे बचे।
  • यदि आप अपने फोन में किसी भी तरह की थर्ड पार्टी ऐप का उपयोग करते हैं तो वह भी आपकी हर संवेदनशील जानकारी को अपने सरवर पर ऐड कर लेती है वह भी आप से पूछ कर।
  •  जैसे ही आप कोई थर्ड पार्टी एप्प इनस्टॉल करते हैं या फिर गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करते हैं तो आप को एक्सेप्ट का ऑप्शन आता है या इंस्टॉल करते समय इंस्टॉल से जुड़ी कुछ कंडीशन आती है, जिसे एक्सेप्ट करना होता। आप उस पर गौर करेंगे तो इसमें सभी तरह की जानकारी होती है जैसे आपकी लोकेशन एक्सेस करना, मेसेज, आपके कांटेक्ट और आपकी सभी फाइले रीड करने का ऑप्सन होता है, जिसकी परमिशन आप स्वयं इस एप्प को देते है।
  • इनमे से कई तरह के app को आप लोकेशन, डाटा एक्सेस करने से रोक सकते है, अपनी मोबाइल सेटिंग के जरिये।
  • वही कई एप्प ऐसे भी है जो आपकी सवेदनशील जानकारी को किसी अन्य थर्ड पार्टी को बेचती है जिनकी जानकारी आपको google पर सर्च करने पर मिल जाएगी।
  • यही नहीं आपने अपने मोबाइल में जो कुछ भी सर्च किया है उसका डेटा google के पास हमेशा बन जाता है। यदि आप किसी ब्राउजर का यूज कर रहे हैं तो आपका सर्च डेटा उस ब्राउज़र के पास पहुंच जाता है।
  • यदि आप किसी संवेदनशील जानकारी को सर्च कर रहे है या किसी ऐसी जानकारी को, जिसे आप सार्वजनिक नही करना चाहते तो, ब्राउज़र के encognito मोड का उपयोग करे, इसमें सर्च की गयी जानकारी की हिस्ट्री नही बनती है।
  • आपके इस संवेदनशील डाटा का उपयोग, कम्पनियों को बेचा जाता है जिसका उपयोग किसी तरह के प्रमोशन, विज्ञापन अथवा किसी अन्य काम के लिए उपयोग किया जा सकता है।
  •  यही नहीं आपकी जानकारी किसी बड़े सर्वे के लिए भी असाधारण तरीके से उपयोग हो सकती है।
  • आपका android हमेशा आपकी लोकेशन ट्रेस करते रहता है ऐसे में आप अपनी प्राइवेसी, अपनी निजता को खतरे में डाल रहे हैं।
  • यही नहीं आपको android खुद अपने हिसाब से मोबाइल को एक्सेस करने की परमिशन भी आप से ले लेता है।
  • आप पर आपके एंड्राइड के कैमरे की मदद से नजर भी रखी जा सकती है।
  • बहुत सी ऐप्प ऐसी है जो आपको सेवा देने की बजाय आपके पर्सनल डाटा को कॉपी करने के लिए बनाई गई है जिसका उपयोग आतंकवादी अथवा इसी तरह कि बड़े खतरनाक संगठन आप की जानकारी चुराने के लिए करते हैं। इस तरह के एक को सरकार और google के द्वारा चिन्हित करके बैंन कर दिया गया है इसकी जानकारी आपको गूगल से मिल जाएगी।
  • आतंकी आपकी जानकारी किसी भी तरह से उपयोग कर सकते है।इसलिए संभल कर रहे।
  • इसके साथ ही यदि आप सोशल मीडिया का भी उपयोग करते हैं तो आपकी हर चैट और आपकी हर जानकारी का ब्योरा, सोशल मीडिया के सरवर पर बना होता है ।

 तो इस तरह आप android यूज कर रहे हैं तो आपकी पर्सनल लाइफ पर खतरा मंडरा रहा है…। इसलिए मोबाइल का उपयोग संभल कर करे..!

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