samacharvideo: भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जिसका आधार अद्भुत भारतीय संविधान है। और ऐसी ही महान शख्सियत डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर का आज जन्मदिन है, जिसने भारतीय संविधान की नींव रखने के साथ साथ उसका निर्माण भी किया।

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डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर को आज भारत ही विश्व भी एक आइडियल व्यक्ति मानता है और उनका गुणगान भी करता है। पर क्या आप जानते है, डॉ बाबा साहेब अम्बेडकर यूँ ही आज लोगो की जुबान पर नही है। तो आइये जानते है, उनके जन्मदिन पर उनसे जुड़ी कुछ खास और रोचक बातें, साथ ही रूबरू होते है उनसे हदे कुछ अनसुने किस्सों से….

  • बाबा साहेब अम्बेडकर भारत के संविधान निर्माता होने के साथ साथ स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री भी रह चुके है।
  • बाबा साहेब अपनी माता पिता के 14वीं संतान थे।
  • बाबासाहेब का असली नाम अम्बावाडेकर है।
  • डॉक्टर अंबेडकर के शिक्षक महादेव अंबेडकर ने अपना सरनेम बाबासाहेब को दिया था। इस तरह स्कूल रिकॉर्ड में उनका नाम अंबेडकर दर्ज हुआ।
  • डॉ अम्बेडकर जी के पिता ब्रिटिश शासन के समय सूबेदार मेजर के उच्चतम रैंक पर थे।
  • डॉ अम्बेडकर मैट्रिक पास करने वाले पहले अछूत थे।
  • अम्बेडकर अर्थशास्त्र में विदेश डिग्री डॉक्टरेट हासिल करने वाले पहले भारतीय थे।
  • बाबासाहेब की विदेशों में हुई शिक्षा का खर्च बड़ौदा के महाराजा द्वारा किया गया था।
  • डॉ अम्बेडकर मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में दो साल तक प्रिंसिपल पद पर कार्यरत रहे।
  • डॉ अम्बेडकर ने 1952 और 1954 में चुनाव लड़ा था लेकिन वह चुनाव नहीं जीत सके थे।
  • बाबासाहेब अम्बेडकर को भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया है। 
  • भारत में काम के समय को 14 घंटे से कम कर 8 घंटे करने का काम भी बाबासाहेब अम्बेडकर ने ही किया था।
  • डॉ अम्बेडकर ने एक बार सिख धर्म में परिवर्तित होने पर विचार बनाया था।
  • डॉ. आंबेडकर को भारतीय बौद्ध भिक्षुओं ने बोधिसत्व की उपाधि प्रदान की है, हालांकि उन्होने खुद को कभी भी बोधिसत्व नहीं कहा।
  • अम्बेडकर की सगाई हिंदू रीति के अनुसार एक नौ वर्षीय लड़की रमाबाई से तय हुई थी।  शादी के बाद उनकी पत्नी ने अपने पहले बेटे यशवंत को इसी वर्ष जन्म दिया। 
  • डॉ. बी. आर अम्बेडकर भारतीय संविधान की धारा 370, जो जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देता है के खिलाफ थे।
  • डॉ. अम्बेडकर ही एक मात्र भारतीय हैं जिनकी portrait लन्दन संग्रहालय में कार्ल मार्क्स के साथ लगी हुई है।
  • Economics का Nobel Prize जीत चुके अर्थशास्त्री प्रो. अमर्त्य सेन डॉ. बी आर अम्बेडकर को अर्थशाश्त्र में अपना पिता मानते हैं।

        तो ऐसे थे हमारे डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर। आज वे हमारे बीच नही है, पर उनके द्वारा किये गए कार्यों और उनके उपदेशों से हमेशा वे हमारे बीच जीवंत है। संविधान के रचयिता और ऐसे अद्वितीय समाज सुधारक को हमारा नमन…

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