samacharvideo:  उत्तरप्रदेश चुनावी दंगल के 7 राउंड में से पांच राउंड का फैसला मतदान पेटी में कैद हो गया है तो वही अब बचे 2 चरणों से दलों की किस्मत तय होगी। इन दो चरणों के लिए सभी दल पूरी सिद्दत और ताकत से मैदान में कूद गई है। सभी राजनीतिक दल अब इन दो चरणों में अधिक से अधिक सीट पाने के लिए अनेक तरह के हथकंडे अपना रहे है।

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भाजपा भी इन दो चरणों के लिए मैदान में पूरी फ़ौज के साथ उत्तर गयी है और विजय के लिए एक बड़ा दांव भी चल चुकी है। इस दाव से भाजपा को संभवतः बड़ी मदद मिलेगी। 

क्या है दांव:

दरअसल अंतिम दो चरणों में 89 सीट है। बहुमत के आंकड़े को छूने के लिए इस इलाके में पार्टी का बेहतर प्रदर्शन तो जरूरी है ही, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण इस इलाके से जुड़े भाजपा के तमाम बड़े चेहरों की साख बनाए रखने का सवाल भी है। वहीँ इन 89 जिलों में कोशिश जहां प्रधानमंत्री मोदी समेत बड़े नेताओं की ज्यादा से ज्यादा सभाएं करके वोटों को लामबंद करने की है तो जमीन पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की टोलियों पर लोगों से संपर्क व संवाद के जरिये उन्हें भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी डाली गई है।

इसलिए रखता है मायने:

आपको बतादें की एक तो इसी इलाके में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, तो केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह व कलराज मिश्र भी मूल रूप से इसी इलाके के रहने वाले हैं।
इसके अलावा पूर्वांचल के प्रमुख भगवा चेहरे आदित्यनाथ तो इस इलाके में रहते ही हैं, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, सूर्यप्रताप शाही और डॉ. रमापति राम त्रिपाठी का घर भी इसी हिस्से में आता है।

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