samacharvideo: ​अब सोशल साइट्स पर भी कोई व्यक्ति अपनी अभिव्यक्ति नही दिखा सकता, किसी के विरोध में लिखना भी अब ऑनलाइन माध्यम पर असहिष्णुता दिखाई पड़ रही है।

हाल ही में हुई कुछ घटनाओं पर नज़र डालें तो हम जान पाएंगे कि अब देश में भाजपा या मोदी के विरोध में लिखना भी महंगा पड़ रहा है खासकर फेसबुक जैसी सोशल साइट पर भी।

हाल ही में आउटलुक हिन्दी द्वारा जब नोटबंदी की किल्लतों के बीच में भाजपा की यूपी चुनाव के लिए 1650 दुपहिया वाहन खरीदने की खबर को अपने फ़ेसबुक पेज पर शेयर किया गया तो फेसबुक द्वारा उस खबर को पेज से हटा दिया गया।

ऐसा ही वाकया समाचार यूपी डॉट कॉम तथा द स्टेट पोस्ट जैसे पोर्टलों के साथ भी घटित हुआ है ।

सोशल साइट्स पर भी विरोध सहन नही कर पाना सरकार की कमजोरियों को दिखा रहा है, और विरोध को बंद करने के लिए पार्टी के कार्यकर्ता ऑनलाइन माध्यमो पर भी पैनी नज़र गड़ाये हुए है विरोध में जाने वाली खबरों की रिपोर्ट कर उसे हटा दिया जा रहा है। 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *