samacharvideo: कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में गठबंधन हो चुका है यह गठबंधन उत्तर प्रदेश में भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए हुआ है इस गठबंधन में समाजवादी पार्टी नेतृत्व कर रही है तो वहीं कांग्रेस उत्तर प्रदेश में हो रहे चुनाव में समाजवादी पार्टी की पूछ पकड़कर चल रही है।  उत्तर प्रदेश विधानसभा में जहां 403 सीटे हैं उसमें से कांग्रेस के पाले में सिर्फ 105 सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है।
 कांग्रेस ने यह गठबंधन समाजवादी पार्टी से भाजपा को रोकने के लिए किया तो है पर खुद अपने अस्तित्व को खतरे में डाल कर आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि इस गठबंधन के बाद कांग्रेस की हैसियत उत्तर प्रदेश चुनाव और उत्तर प्रदेश में क्या रह गई है सिर्फ 105 सीटों के बलबूते कांग्रेस अपनी बची कुची हैसियत को भी मिटाने पर तुली है।
इस गठबंधन का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे यहां पर बात  यदि एक विजय रथ की बात करे तो इस विजय रथ पर सवार अब अखिलेश यादव हो गए हैं और राहुल गांधी की हैसियत अब एक रथ के पहिए की बस रह गई है सीधी सी बात है यदि इस विधानसभा चुनाव में इस गठबंधन की जीत होती है तो निश्चित तौर पर अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री बनेंगे और वहीं कांग्रेस के खाते में कोई बड़ा पद मुश्किल से ही आ पाएगा।

भारत के आजादी के पूर्व कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के लिए शुल्क 25 पैसे रखा गया था उस वक़्त चवन्नी की भी कीमत थी। उत्तर प्रदेश चुनाव में फिलहाल कांग्रेस की हैसियत भी चवन्नी की रह गई है सीधे तौर पर कहें तो 105 सीटें चवन्नी से बढ़कर नहीं है वही दूसरे मसलों पर नजर डाले तो 2 साल बाद देश में लोकसभा चुनाव होने हैं ऐसी स्थिति में कांग्रेस UP में अपनी हैसियत फिर से बड़ा सके, इतने कम समय में यह मुमकिन नही है।

चुनाव के पोस्टरों से भी ‘पंजा’ नदारत है तो वहीं साइकिल दौड़ती नजर आ रही है आप खुद ही समझ सकते हैं या सोच सकते हैं कि भाजपा को रोकने के चक्कर में कांग्रेस ने खुद अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी चलाई है। कांग्रेस ने उत्तरप्रदेश में अपने ही अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। यह समझौता कांग्रेस को किस हद तक ले डूबेगा, यह तो वक्त ही बताएगा। 

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