samacharvideo: देश में सहिष्णुता और असहिष्णुता पर एक बार फिर जंग छीड़ गयी है। इस मामले पर देश के माननीय राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी खुल कर सामने आये है। और असहिष्णुता पर अपनी बात रखी है। यह बात राष्ट्रपति महोदय ने केरल के कोच्चि में आयोजित एक कार्यक्रम में कही।
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माननीय राष्ट्रपति ने अपनी बात रखते हुए कहा की असहिष्णु भारतीयों के लिए भारत में कोई जगह नहीं है। साथ ही राष्ट्रपति ने राष्ट्रवाद पर अपना पक्ष रखा और कहा कि, यह देश के लिए काफी जरूरी है।
राष्ट्रपति ने पिछले दिनों दिल्ली के रामजस कॉलेज में हुए विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कहा कि विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले  छात्रों को केवल डिबेट और वार्ता से ऐसे मुद्दों का समाधान करना चाहिए। छात्रों को  इन मुद्दों पर लड़ाई-झगड़ा करके विवाद पैदा करना गलत तरीका है। 
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत में हमेशा से अभिव्यक्ति की आजादी रही है। इसके बारे में देश के संविधान में भी स्पष्ट रुप से  बताया गया है। उनके अनुसार देश के लिए उसके लोग जरूरी होते हैं और अब समय आ गया है कि लोगों को देशभक्ति के बारे में फिर से जागरुक किया जाए। 

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