samacharvideo: अपने अंदाज से तो कभी अपनी दहाड़ से जाने जाने वाले ‘हिन्दू हृदय सम्राट’ बाल ठाकरे का आज जन्मदिन है। अपनी एक आवाज़ से राजनीति , क्रिकेट और बॉलीवुड में सनसनी मचा देना और किसी पद पर न होते हुए भी राजनीति को अपने इशारे पर नचाने वाले बाल ठाकरे को आज हर एक व्यक्ति जानता है ।
अपने हिंदुत्व से समझौता न करने वाले मंत्र ने इन्हें लोगों के दिलों में जगह बनाने और अटूट श्रद्धा बनाये रखने के लिए आतुर कर दिया। हिंदुत्व के शेर कहे जाने वाले बाल ठाकरे के जन्मदिन पर जानते है उनसे जुड़े कुछ अनसुने और रोचक पहलुओं के बारे में जिन्हें शायद ही आप जानते होंगे….

  • बाल ठाकरे का जन्म 23 जनवरी 1926 को पुणे में हुआ।
  • बाल ठाकरे पहले एक कार्टूनिस्ट थे।
  • राजनीती की शुरुआत मार्मिक पत्रिका से हुयी जिसमे इन्होंने पुरे कार्टूनों का समावेश किया।
  • इन्होंने मराठी के सामना नामक अखबार की भी शुरुआत की।
  • हिंदी के लिए दोपहर का सामना नामक अखबार शुरू किया।
  • लोग इन्हें ‘हिन्दू हृदय सम्राट’ के नाम से भी जानते है।
  • बाल ठाकरे के साथ साथ इन्हें बाला साहेब के नाम से भी पुकारा जाता है।
  • सन 1966 में शिवसेना नामक हिन्दू राष्ट्रवादी संगठन की स्थापना की।
  • बाला साहेब ठाकरे वो शख्स थे जिन्होंने हिंदुत्व से कभी समझौता नहीं किया, चाहे चुनाव हारे या जीते उन्होंने सेकुलरिज्म को अपने पास कभी भटकने नहीं दिया ।
  • बाला साहेब ठाकरे एकमात्र नेता थे जिन्होंने बाबरी मस्जिद को तोड़े जाने पर छाती चौड़ा किया था और स्वीकार किया था की हां हमारे शिवसैनिको ने बाबरी मस्जिद को तोडा जो, बाला साहेब ठाकरे ने ये भी कहा था की, “मुझे अपने शिवसैनिको पर गर्व है”
  • बाला साहेब ठाकरे वो नेता थे जिनके सत्ता में आते ही मुम्बई से इस्लामिक गुंडाराज गायब हो गया अन्यथा मुम्बई में दाऊद जैसों का गुंडाराज कायम था ।
  • जब गुजरात दंगो के बाद, तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी पर नरेन्द्र मोदी को हटाने का दबाव हो गया तो एकमात्र नेता बाला साहेब ठाकरे ही थे जिन्होंने कहा की, अगर मोदी को हटाया गया तो हम भी केंद्र से समर्थन वापस ले लेंगे, अंत में वाजपेयी मोदी  गुजरात के CM से नहीं हटा पाए ।
  • बाल ठाकरे अपने आपको हिटलर का फैन मानते थे।
  • समर्थकों से मिलना जुलना उन्हें बिलकुल पसंद नही था।
  • मुस्लिमों के इतने विरोधी थे की उन्हें कैंसर तक बोल दिया था।
  • चुनाव आयोग ने 1999 से 2005 तक वोट देने के लिए रोक लगा दी थी।
  • कभी खुद कोई राजनितिक पद नही संभाला पर रिमोट कंट्रोल जरूर बने रहे। 

तो ऐसे थे हमारे बाला साहेब ठाकरे। बाला साहेब ने 17 नवम्बर 2012 को आखिरी सांस ली और हमेशा के लिए हमारी यादों में बस गए…

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