samacharvideo: आज भी जब युवाओं में जोश भरने की बात आती है तो सबसे पहले ख्याल आता है स्वामी विवेकानंद जी का। युवावस्था में ही भारत का प्रतिनिधित्व करने और सनातन धर्म का प्रचार करना विवेकानंद की उपलिब्धियों में से एक है। विवेकानंद अतुल्य शक्ति और ऊर्जा के स्रोत थे। आज ऐसे महान स्वामी विवेकानंद जी की जयंती है। हम उन्हें नमन करते है।

स्वामी विवेकानंद जी के बारे में जितना भी कहा जाए उतना कम है। उनके उपदेश जीवन बदल देने वाले होते है। जिन्हें आज भी युवा एक वृहद ऊर्जा स्रोत के रूप में ग्रहण करते है। 

स्वामी विवेकानंद जी का जीवन परिचय और उनके जीवन से जुड़ी ऐसी कुछ बातें, जिन्हें जानकर आप स्वयं उनकी तरह बनने की जिज्ञासा से भरपूर हो जाएंगे…

  • विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था।
  • इनके बचपन का नाम नरेंद्र दत्त था।
  • इनकी माताजी इनका नाम वीरेश्वर रखा था, बाद में इनका नाम परिवर्तित हो गया।
  • पिता की मृत्यु के बाद विवेकानंद जी को कई बार दो दो दिन तक भूखे भी रहना पड़ा।
  • सनातन धर्म का प्रचार करने वाला यह महान व्यक्ति नास्तिक तक बन चुका था ।
  • बीए तक की पढ़ाई के बावजूद भी विवेकानन्द जी को नौकरी के लिए दर दर भटकना पड़ा था।
  • विवेकानंद जी के गुरु का नाम रामकृष्ण परमहंस था।
  • 1986 में स्वामी विवेकानंद ने लंदन में कचौरियां तक बना ली थी, यह उनकी सादगी को बताता है।
  • 1893 में अमेरिका स्थित शिकागो में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वामी जी ने अपने भाषण की शुरुआत ‘मेरे अमरीकी भाइयों एवं बहनों’ के साथ की थी, इसी प्रथम वाक्य ने सभी का दिल जीत लिया था।
  • 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस, विवेकानंद के जन्मदिन के साथ युवाओं के जीवन को सार्थक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
  • विवेकानंद जी ने भविष्यवाणी तक कर दी थी की वे 40 साल से अधिक की उम्र नही जी सकेंगे, हुआ भी ऐसा ही, उनकी मृत्यु 39 साल की उम्र में ही हो गयी।
  • विवेकानंद जी की मृत्यु 4 जुलाई 1902 को तीसरी बार दिल का दौरा पड़ने से हुयी थी।
  • विवेकानंद जी को 31 तरह की बीमारियों ने घेर रखा था।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *