samacharvideo: पूरी दुनिया में भारत का डंका बजाने वाले स्वामी विवेकानंद को आज कौन नही जानता। युवाओं की बात करे या देश प्रेम का या फिर सनातन धर्म की, स्वामी विवेकानंद का नाम सबसे पहले लिया जाता है। स्वामी विवेकानंद से जुड़ी समस्त बातों से तो आप अवगत होंगे ही, पर आप उनके गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस के बारे में कुछ जानते हो ? सोचिये, जिस विवेकानंद ने पूरी दुनिया का मन कुछ पलों में मोह लिया, तो उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस में कितनी शक्ति रही होगी।
तो आज हम स्वामी रामकृष्ण परमहंस के बारे में आपको उन बातों के पन्ने खोलने वाले है जिसे आपने शायद ही आज से पहले कभी सुना होगा या पढ़ा होगा !

तो आइये जानते है रामकृष्ण परमहंस से जुड़ी अद्भुत और रोचक बातें व् उनका जीवन परिचय…

  • रामकृष्ण परमहंस जी का जन्म 18 फरवरी सन 1836 को पश्चिम बंगाल के कामापुकुर नामक गांव में हुआ था।
  • परमहंस 12 साल की उम्र तक स्कूल गये लेकिन शिक्षा व्यवस्था की कमी के चलते उन्होंने स्कूल छोड़ दिया।
  • परमहंस का मानना था कि हर इंसान में भगवान होता है पर हर इंसान भगवान् नही होता, इसी कारण समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
  • वह काली के भक्त थे। उनके लिए काली कोई देवी नहीं थीं, वह एक जीवित हकीकत थी।
  • काली उनके सामने नाचती थीं, उनके हाथों से खाती थीं।
  • उनके बुलाने पर आती थीं और उन्हें आनंदविभोर छोड़ जाती थीं।
  • जब काली उनके भीतर प्रबल होतीं, तो वह आनंदविभोर हो जाते और नाचना-गाना शुरू कर देते। जब वह थोड़े मंद होते और काली से उनका संपर्क टूट जाता, तो वह किसी शिशु की तरह रोना शुरू कर देते। 
  • रामकृष्ण की चेतना इतनी ठोस थी कि वह जिस रूप की इच्छा करते थे, वह उनके लिए एक हकीकत बन जाती थी।
  • परमहंस ने तोतापरी के कहने पर माँ काली के दो टुकड़े भी कर दिए थे। ये सब उन्होंने अपनी कल्पना में किया था।
  • रामकृष्ण परमहंस को पुराण, महाभारत, रामायण, भागवत पुराण इत्यादि का अच्छा ज्ञान था।
  • स्वामी विवेकानंद को पहली बार देखने पर परमहंस समझ गए थे की ये बालक एक असाधारण बालक है।
  • योगी तोतापरी को परमहंस में अनंत शक्ति और प्रबलता की छवि पहली ही बार देखने में समझ आ गयी थी।
  • मैक्समूलर और रौम्या रोल जैसे बड़े विद्वानों ने परमहंस की जीवनी लिखी।
  • वे दक्षिणेश्वर की कुटी में बैठ कर धर्म का आख्यान करते थे।
  • उनकी पत्नी का नाम माता शारदा देवी था, जो की  परमहंस के साथ माँ काली की पूजा में लीन रही।
  • परमहंस अद्वेत साधना, तंत्र साधना, इस्लामी साधना, और ईसाई साधना के जानकार थे।
  • स्वामी निर्वेदानंद ने परमहंस को हिन्दू धर्म की गंगा कहा है।
  • परमहंस की समस्त इंद्रियां उनके वश में थी।

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