samacharvideo: ये भगवान गणेश हैं, वो भोले शंकर और उस तस्वीर में जो नजर आ रहे हैं न वो हनुमान जी हैं। आप भी सोच रहे होंगे हम किस तरह की बाते कर रहे हैं। जी हां, आज आप भगवानों को तस्वीरों के आधार पर ही जानते हैं और उसी तरह जिस तरह हमने आपको ऊपर कहा भी था। पर क्या आप जानते है, हम अपने इष्ट देवी-देवताओं को जिन तस्वीरों से जानते है वो तस्वीरें और उन तस्वीरें के आइडियाज़ कहा से आये ?

 

 

राजा रवि वर्मा, यही वो व्यक्ति थे जिन्होंने पहली हमारे देवी-देवताओं को एक आकार दिया, उनकी तस्वीरें बना कर एक भौतिक रूप का एहसास कराया। राजा रवि वर्मा का जन्म 29 अप्रैल 1848 को केरल के किलिमानुर हुआ था। तो आइयें जानते है उनसे जुड़े कुछ खास तथ्य….

 

 

-राजा रवि वर्मा पाँच साल की उम्र मे ही अपनी प्रतिभा का जलवा दिखाने लगे थे। उन्हें जो भी नजर आता था, उनका चित्र बनाने बैठ जाता थे।

-राजा रवि वर्मा के चाचा भी चित्रकार उर्फ पेन्टर थे।

-राजा रवि वर्मा पहले भारतीय चित्रकार थे, जिन्होंने देवी-देवताओं को हमारे जैसा मतलब इंसानों के जैसा पैन्टिंग के माध्यम से दिखाया।

-आप लोग आज भगवानों को जिन तस्वीरों मे पुजते है न वो तस्वीरें ही राजा रवि वर्मा ने बनाई थी।

-राजा रवि वर्मा पहले भारतीय थे जो अंग्रेजों की पैन्टिंग टैक्निक का युज़ किया करते थे।

-भाईसाब को वॉटर कलर से लेकर ऑइल पेंटिंग मे महारत हासिल थे। जनाब ऐसी तस्वीरें बनाते थे, जिन्हें लोग बस देखते ही रह जाते थे।

-अपने राजा रवि वर्मा को 1873 मे पहली बार पेंटिंग के लिए इनाम मिला था, वो भी 25 साल की उम्र मे।

-1893 मे शिकागो मे विश्व चित्र प्रदर्शनी मे रवि वर्मा की भी तस्वीरें लगाई गई थी।

-रवि वर्मा पोर्ट्रट पेंटिंग के भी मास्टर थे। पेंटिंग बनाने के लिए उनके सामने राजा महाराजाओं के साथ-साथ अंग्रेज शासक भी खड़े रहते थे।

-मुम्बई मे राजा रवि वर्मा ने कलर लिथोग्रफिक प्रेस खोल कर अपना काम तगड़े तरीके से शुरू किया।

-जनाब न्युड तस्वीरें बनाने मे भी माहिर थे। महाकाव्यों की अप्सरायें उर्वशी और रंभा की भी तस्वीरें बनाई थी।

-राजा रवि वर्मा की एक की एक पेंटिंग को 2007 में 1.24 मिलियन डॉलर बेचा गया।

-2014 में एक फिल्म आई थी जिसका नाम था ‘रंगरसिया’, यह फिल्म राजा रवि वर्मा के जीवन पर ही बनी थी। जिसमे रणदीप हुडा ने रवि वर्मा का रोल अदा किया था।

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